यही हमारी सच्चाई हे – POEM

 

ना हिंदू हे, ना मुसलमान हे,

ना सीख हे, ना इशाई हे.

जब भी बात होगी वतनकी ,

हम आपसमें भाई भाई हे..

यही हमारी सच्चाई हे..।

🇮🇳

 

 

ना परवाह की माँ-बापकी ,

ना भविष्य देखा बच्चोका,

हरबार दिखाके हौसला,

सीने पे शान से गोली खाई हे..

यही हमारी सच्चाई हे..।

🇮🇳

 

 

चाहे हो गर्मी राजस्थान कीं,

या हो ठंड सियाचिन की,

देके बलिदान देश के लिए,

अपनीज़िम्मेदारी हरबार निभायी हे..

यही हमारी सच्चाई हे..।

🇮🇳

 

 

ना छोड़ा जज़्बा, ना छोड़ी हिम्मत,

हर बार ख़ून की होली मनायी हे ,

कर के मुक़ाबला दूँसमनो का,

धरतीमाँ के लिए वफ़ा दिखायी हे

,
यही हमारी सच्चाई हे..।

🇮🇳

 

 

JAI HIND 🇮🇳 JAI BHARAT

WRITEN BY 

[tmm name=”akash-prajapati”]

 

2 Comments

  • Jagdish Koriya
    Posted September 18, 2018 9:48 pm 0Likes

    Very good poems. 👌🙏

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